राहत व बचाव कार्य में लगे सेना के जवानों को केरल के लोगों ने कुछ यूं किया धन्यवाद

नई दिल्ली : केरल में आई भयानक बाढ़ में काफी मात्रा में जान - माल का नुकसान हुआ है. इस मुश्किल समय में देश की सेनाओं के जवान केरल के लोगों के लिए देव दूत बन कर सामने आए हैं. 17 अगस्त को नौसेना के जवानों ने एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर के जरिए कोची में बाढ़ में फंसी दो महिलाओं को बचाया था. इस हेलिकॉप्टर के पायलट कमांडर विजय वर्मा थे. इन महिलाओं को बचाए जाने के बाद नौसेना के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए स्थानीय लोगों ने जिस घर से महिला को बचाया गया था उसकी छत पर सफेद रंग से धन्यवाद (थैंक्स) लिखा है. जलभराव वाले इलाके में छत पर लिखा यह संदेश ऊपर से साफ दिखाई दे रहा है.



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देव दूत बन राहत कार्य कर रहे जवान




केरल में बाढ़ के चलते बड़े पैमाने पर फैसलों को भी नुकसान पहुंचा है. 19 अगस्त को पलक्कड़ के एरुमाचेरी इलाके में बाढ़ का पानी धान के खेतों में भर गया. इसको देखते हुए राहत कार्य में जुटे हुए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों ने तत्काल एक अस्थाई ब्रिज बना दिया. वहीं धान के खेतों में पानी न घुसे इसके लिए जवानों ने तत्काल एक बांध भी बना दिया.














कोस्ट गार्ड ने तेज किया बचाव अभियान




भारतीय कोस्ट गार्ड ने बारिश में कमी आते ही राहत कार्य को और तेज कर दिया है. कोस्ट गार्ड के जवान लगातार बचाव व राहत कार्य के लिए पूरे राज्य में अभियान चला रहे हैं.



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बाढ़ के बाद के हालात को ले कर चिंतित हैं लोग
केरल के वेंदिपेरियर इलाके में रहने वाले चंद्रा बाढ़ के बाद के हालात को ले कर चिंतित हैं. उन्होंने कहा कि 'बाढ़ में मैंने अपना घर खो दिया. पत्नी का 08 साल पहले एक्सीडेंट हुआ था. तब से वह चल फिर नहीं सकती है. मैंने उसे वृद्धाआश्रम भेज दिया था. अब मेरे पास कोई कमाई भी नहीं है. ऐसे में समझ नहीं आ रहा कि बाढ़ के बाद जब ये लोग हमें राहत कैंप से वापस भेज देंगे तो हम कहां जाएंगे.'

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