पिछले साल के मुकाबले इस साल ज्यादा जलाई गई पराली : EPCA प्रमुख

ईपीसीए के प्रमुख भूरे लाल ने  इस बात पर भी जोर दिया कि लोगों की मानसिकता में बदलाव लाने की जरूरत है ताकि वे पराली जलाने के चलन के विकल्प तलाश करें.


नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त ईपीसीए के प्रमुख भूरे लाल ने शुक्रवार को कहा कि सख्ती के बावजूद इस साल पड़ोसी राज्यों में पिछले साल के मुकाबले पराली जलाए जाने की ज्यादा घटनाएं दर्ज की गईं. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि लोगों की मानसिकता में बदलाव लाने की जरूरत है ताकि वे पराली जलाने के चलन के विकल्प तलाश करें.

पीएचडी चैंबर द्वारा ‘आर्थिक एवं पर्यावरणीय स्थिरता के लिए फसल अवशेषों के थोक उपयोग’ पर आयोजित कार्यशाला में उन्होंने कहा कि धान की पुआल उर्वरकों का एक बहुत अच्छा स्रोत हो सकती है. इसका सबसे अच्छा उपयोग इसे मिट्टी के साथ मिला देना है.

दिल्ली में पिछले बृहस्पतिवार वायु गुणवत्ता बेहद खराब हो गई थी
दिल्ली की खराब वायु गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार बड़े कारणों में से एक पंजाब और हरियाणा में पराली जलाना है. राष्ट्रीय राजधानी में पिछले बृहस्पतिवार वायु गुणवत्ता बेहद खराब हो गई थी जब पटाखों के कारण शहर में धुंध की मोटी चादर छा गई थी. वायु गुणवत्ता सूचकांक तब सबसे ऊंचा स्तर 642 दर्ज किया गया था.



लाल ने कहा कि यह देखा गया है कि युवा पीढ़ी दूसरे विकल्प तलाश काने के लिए तैयार है लेकिन पुरानी पीढ़ी अब भी पराली जलाने के तरीके से ही चिपकी रहना चाहती है.

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